Nag Panchami 2026
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Nag Panchami 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और महत्व

Jul 16, 2026

नाग पंचमी (Nag Panchami) भारत के सबसे पुराने पर्वों में से एक है, जिस दिन नाग देवता यानी सर्प देवताओं की पूजा की जाती है। यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जो हरियाली तीज के ठीक दो दिन बाद आता है। नाग पंचमी 2026 (Nag Panchami 2026) की सही तारीख, मुहूर्त और पूजा सामग्री को लेकर अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं। इस लेख में नाग पंचमी 2026 की तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पूजा सामग्री की पूरी सूची और धार्मिक महत्व विस्तार से बताया गया है।

नाग पंचमी 2026 की तारीख (Nag Panchami Date 2026)

देश के अधिकतर राज्यों में नाग पंचमी 2026 सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। यह तारीख पूर्णिमांत पंचांग पर आधारित है, जिसका पालन उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में होता है। इस साल हरियाली तीज शनिवार, 15 अगस्त 2026 को है, यानी नाग पंचमी ठीक दो दिन बाद पड़ रही है, जो पंचांग की परंपरा के अनुसार सही बैठता है।

गुजरात में अमांत पंचांग का पालन होता है, इसलिए वहां नाग पंचम (Nag Pancham) की तारीख अलग रहती है। गुजरात में यह पर्व मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा, जो कृष्ण जन्माष्टमी से तीन दिन पहले आता है। नाग पंचमी शुभ मुहूर्त 2026 (Nag Panchami Shubh Muhurat 2026) की पूरी जानकारी नीचे तालिका में दी गई है।

विवरण जानकारी
नाग पंचमी 2026 तारीख सोमवार, 17 अगस्त 2026
पंचमी तिथि प्रारंभ 16 अगस्त 2026, शाम 04:52 बजे
पंचमी तिथि समाप्त 17 अगस्त 2026, शाम 05:00 बजे
नाग पंचमी शुभ मुहूर्त 2026 सुबह 05:51 बजे से 08:29 बजे तक
मुहूर्त की अवधि लगभग 2 घंटे 37 मिनट
गुजरात में नाग पंचम मंगलवार, 1 सितंबर 2026

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार यह समय दिए गए हैं। अपने शहर के अनुसार सूर्योदय के समय में थोड़ा अंतर आ सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से भी एक बार समय जरूर देख लें।

नाग पंचमी का महत्व (Nag Panchami Significance)

नाग पंचमी का महत्व (Nag Panchami Significance) सीधे तौर पर सनातन परंपरा में सर्प पूजा से जुड़ा है। हिंदू धर्म में सांप को केवल एक जीव नहीं बल्कि दिव्य शक्ति का प्रतीक माना गया है। भगवान शिव अपने गले में वासुकि नाग धारण करते हैं, जबकि भगवान विष्णु शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं। यही कारण है कि श्रावण मास में, जो शिवजी का प्रिय महीना है, नाग पूजा का विशेष महत्व है।

इस पर्व की कथा राजा जनमेजय से जुड़ी है। सर्पराज तक्षक ने राजा परीक्षित को डस लिया था, जिसके बाद पुत्र जनमेजय ने संपूर्ण नाग वंश को समाप्त करने के लिए नाग यज्ञ शुरू किया। ऋषि आस्तिक ने बीच में आकर यज्ञ रुकवाया और नाग जाति की रक्षा की। जिस दिन यह यज्ञ रोका गया, वही दिन नाग पंचमी के रूप में मनाया जाने लगा। एक और लोकप्रिय कथा भगवान कृष्ण और कालिया नाग से जुड़ी है, जिसमें कृष्ण ने यमुना नदी में विषैले कालिया नाग को पराजित कर गोकुलवासियों की रक्षा की थी।

ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन का विशेष स्थान है। जिनकी कुंडली में काल सर्प दोष या राहु-केतु से जुड़े दोष होते हैं, उनके लिए यह दिन शुभ माना जाता है। श्रावण मास बारिश का समय भी होता है, जब सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं, इसलिए यह पर्व प्रकृति और सभी जीवों के साथ सह अस्तित्व का संदेश भी देता है।

नाग पंचमी पूजा सामग्री सूची (Nag Panchami Puja Samagri List)

नाग पंचमी पूजा सामग्री (Nag Panchami Puja Samagri) पहले से तैयार रखने पर पूजा बिना रुकावट पूरी होती है। नीचे नाग पंचमी पूजा आइटम्स (Nag Panchami Puja Items) की सूची श्रेणियों में दी गई है।

नाग पंचमी पूजा सामग्री किट — Dhoop Chaon Premium Puja Samagri Kit

Dhoop Chaon & Co — Premium Puja Samagri Kit for Nag Panchami

मुख्य पूजन सामग्री

सामग्री उपयोग
नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पूजा स्थापना के लिए, चांदी, मिट्टी या पत्थर की हो सकती है
चौकी या लकड़ी का पाटा प्रतिमा स्थापित करने के लिए
कच्चा दूध अभिषेक के लिए
शहद दूध के साथ मिलाकर अर्पित करने के लिए
हल्दी और कुमकुम तिलक और श्रृंगार के लिए
चंदन लेपन के लिए
अक्षत (साबुत चावल) पूजा में अर्पित करने के लिए
लावा (धान का लावा) नाग देवता को विशेष प्रिय
दूर्वा और फूल अर्पण सामग्री
मिठाई और फल प्रसाद के लिए

धूप-दीप सामग्री

पूजा के दौरान धूप-दीप के बिना अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। पूजा के लिए धूप (Dhoop for Puja) और पूजा के लिए अगरबत्ती (Agarbatti for Puja/Incense Sticks for Puja) वातावरण को शुद्ध करते हैं और पूजा में एकाग्रता बढ़ाते हैं।

Natural Nag Champa Masala Incense Sticks — नाग पंचमी पूजा के लिए प्रीमियम अगरबत्ती

Natural Nag Champa Masala Incense Sticks — पूजा के लिए सुगंधित अगरबत्ती

सामग्री उपयोग
अगरबत्ती सुगंध और पवित्रता के लिए
धूप स्टिक वातावरण शुद्धि के लिए
सांबरानी कप घर पर छोटे हवन जैसे अनुभव के लिए
पूजा के लिए कपूर (Camphor for Puja) आरती और वातावरण शुद्धि के लिए
घी का दीपक शुभ मंगल का प्रतीक
रुई की बाती दीपक जलाने के लिए
Kapoor Gugal Sambrani Cup Dhoop — नाग पंचमी पूजा के लिए सांबरानी धूप कप

Kapoor Gugal Sambrani Cup — घर पर हवन जैसा अनुभव

अभिषेक और अन्य सामग्री

सामग्री उपयोग
गंगाजल या शुद्ध जल अभिषेक के लिए
सफेद वस्त्र प्रतिमा को ढकने के लिए
नाग पंचमी व्रत कथा पुस्तक कथा पाठ के लिए
पूजा की घंटी पूजा आरंभ और आरती के लिए
मौली या कलावा नाग देवता को अर्पित करने के लिए

एक ही जगह से पूरी सामग्री लेनी हो तो पूजा सामग्री ऑनलाइन (Puja Samagri Online) मंगवाना आसान विकल्प है। Dhoop Chaon & Co की पूजा सामग्री कलेक्शन में अगरबत्ती, धूप, सांबरानी कप, भीमसेनी कपूर और पूजा किट एक साथ मिल जाते हैं, जिससे पूजा सामग्री ऑनलाइन खरीदना (Buy Puja Samagri Online) आसान हो जाता है।

नाग पंचमी पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi)

नाग पंचमी पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi) सरल है, लेकिन इसे शुभ मुहूर्त में और श्रद्धा के साथ करना जरूरी है। नीचे नाग पंचमी पूजा (Nag Panchami Pooja) की चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है।

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थान को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
  3. चौकी पर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। कुछ घरों में दीवार पर गोबर या गेरू से नाग की आकृति भी बनाई जाती है।
  4. नाग देवता को कच्चा दूध और शहद अर्पित करें। ध्यान रखें कि यह प्रतीकात्मक अभिषेक है, जीवित सांप को दूध पिलाने की सलाह पशु कल्याण की दृष्टि से नहीं दी जाती।
  5. हल्दी, कुमकुम, चंदन और अक्षत चढ़ाएं।
  6. फूल, दूर्वा और लावा अर्पित करें।
  7. घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती व धूप जलाकर वातावरण को सुगंधित करें।
  8. नाग पंचमी मंत्र का जाप करें।
  9. नाग पंचमी व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  10. कपूर से आरती करें और अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
  11. प्रसाद अर्पित करें और परिवार के साथ बांटें।

व्रत रखने वाले सुबह से शाम तक उपवास करते हैं और पूजा के बाद ही भोजन करते हैं। कई घरों में खीर, चूरमा या खिचड़ी प्रसाद के रूप में बनाई जाती है, और तली-भुनी चीजें इस दिन नहीं खाई जातीं।

Sambrani Natural Loban Cup Dhoop — नाग पंचमी पूजा विधि के लिए धूप सामग्री

Sambrani Natural Loban Cup — पूजा वातावरण को शुद्ध और सुगंधित करें

नाग पंचमी मंत्र (Nag Panchami Mantra)

पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है:

ॐ भुजंगेशाय विद्महे सर्पराजाय धीमहि। तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।

नाग देवताओं के नाम स्मरण के लिए एक श्लोक भी पढ़ा जाता है, जिसमें अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक और कालिया नाग का उल्लेख आता है। मान्यता है कि इन नामों के स्मरण से विष भय दूर होता है।

क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

नाग पंचमी की परंपरा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

  • इस दिन खेत जोतना या भूमि खोदना वर्जित माना गया है, क्योंकि इससे बिलों में रह रहे सांपों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • जीवित सांप को पकड़कर पूजा कराना या दूध पिलाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है और सांप के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। प्रतिमा या चित्र के माध्यम से ही पूजा करना बेहतर है।
  • पूजा में बासी या मुरझाए फूल न चढ़ाएं।
  • व्रत रखने वाले तला हुआ और अधिक नमक वाला भोजन न करें।
  • पूजा स्थान साफ और शांत रखें ताकि मन एकाग्र रहे।

निष्कर्ष

नाग पंचमी 2026 (Nag Panchami 2026) सोमवार, 17 अगस्त को श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाई जाएगी। सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की जानकारी होने से पूजा बिना किसी परेशानी के पूरी हो जाती है। नाग देवता की पूजा केवल एक रीति नहीं, बल्कि प्रकृति और सभी जीवों के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है। सामग्री की मात्रा से ज्यादा पूजा में श्रद्धा और भाव मायने रखते हैं।

FAQs

प्रश्न 1: नाग पंचमी 2026 कब है?

उत्तर: भारत के अधिकतर राज्यों में नाग पंचमी 2026 सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। गुजरात में अमांत पंचांग के कारण यह पर्व मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को नाग पंचम के रूप में मनाया जाएगा।

प्रश्न 2: नाग पंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

उत्तर: नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार नाग पंचमी 2026 का पूजा मुहूर्त सुबह 05:51 बजे से 08:29 बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि लगभग 2 घंटे 37 मिनट है। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 04:52 बजे शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 05:00 बजे तक रहेगी।

प्रश्न 3: नाग पंचमी पूजा के लिए मुख्य पूजा सामग्री क्या-क्या चाहिए?

उत्तर: नाग पंचमी पूजा सामग्री में नाग देवता की प्रतिमा या चित्र, कच्चा दूध, शहद, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, लावा, फूल, अगरबत्ती, धूप, कपूर और घी का दीपक मुख्य रूप से शामिल हैं। ये सभी वस्तुएं पूजा सामग्री कलेक्शन से एक साथ भी मंगवाई जा सकती हैं।

प्रश्न 4: क्या नाग पंचमी पर जीवित सांप को दूध पिलाना चाहिए?

उत्तर: परंपरागत रूप से यह प्रथा प्रचलित रही है, लेकिन यह कानूनी रूप से प्रतिबंधित है और सांप के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी माना जाता है, क्योंकि सांप वास्तव में दूध नहीं पचा पाते। बेहतर है कि नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने ही दूध और शहद अर्पित कर प्रतीकात्मक पूजा की जाए।

प्रश्न 5: नाग पंचमी और गुजरात के नाग पंचम में क्या अंतर है?

उत्तर: उत्तर भारत सहित अधिकतर राज्य पूर्णिमांत पंचांग का पालन करते हैं, जिसके अनुसार नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को है। गुजरात अमांत पंचांग का पालन करता है, इसलिए वहां यह पर्व 15 दिन बाद यानी 1 सितंबर 2026 को नाग पंचम के नाम से मनाया जाता है। दोनों ही पर्वों का धार्मिक महत्व एक समान है।

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