श्रावण मास 2026 में भगवान शिव की पूजा के लिए आवश्यक पूजा सामग्री सूची जैसे बेलपत्र, जल, धतूरा, भस्म और रुद्राक्ष
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श्रावण मास पूजा सामग्री सूची 2026: भगवान शिव की पूजा के लिए क्या-क्या चाहिए?

Jun 16, 2026

श्रावण मास (Shravan Maas) को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान कुल चार सावन सोमवार (Sawan Somwar) पड़ेंगे, जिनमें शिव पूजा का विशेष महत्व है।

अगर आप सावन में पहली बार घर पर शिव पूजा करने की सोच रहे हैं, या बस यह जानना चाहते हैं कि शिव पूजा के लिए क्या क्या चाहिए (Shiv Puja ke liye Kya Kya Chahiye), तो इस लेख में आपको श्रावण मास पूजा सामग्री सूची (Shravan Maas Puja Samagri Suchi) की पूरी जानकारी मिलेगी। सामग्री को श्रेणियों में बांटकर दिया गया है ताकि पूजा के दिन किसी चीज की कमी न रहे।


श्रावण मास 2026: तारीखें और सावन सोमवार (Shravan Maas 2026: Dates and Sawan Somwar)

वैदिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई को होगी और समापन 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा के दिन होगा।

क्रम श्रावण सोमवार (Shravan Somwar) तारीख (Date)
पहला प्रथम सावन सोमवार 3 अगस्त 2026
दूसरा द्वितीय सावन सोमवार 10 अगस्त 2026
तीसरा तृतीय सावन सोमवार 17 अगस्त 2026
चौथा चतुर्थ सावन सोमवार 24 अगस्त 2026

इस साल श्रावण मास 30 दिनों का है और इसमें कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। सावन सोमवार के दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले) को सबसे शुभ माना जाता है। शाम को प्रदोष काल में भी जलाभिषेक (Jalabhishek) का विशेष फल मिलता है।


श्रावण मास में शिव पूजा का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने श्रावण मास में ग्रहण किया था। उस विष की दाह को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया था। इसी कारण श्रावण मास में जल और जलाभिषेक का इतना महत्व है। मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है और भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं।


सावन पूजा सामग्री लिस्ट 2026: पूरी और विस्तृत सूची (Sawan Puja Samagri List 2026)

नीचे भगवान शिव पूजा सामग्री (Bhagwan Shiv Puja Samagri) को अलग-अलग श्रेणियों में दिया गया है। श्रावण मास में शिव पूजा के लिए क्या चाहिए (Shravan Maas mein Shiv Puja ke liye Kya Chahiye), इसका पूरा उत्तर इस सूची में मिलेगा।

श्रावण मास 2026 शिव पूजा सामग्री सूची - Dhoop Chaon Puja Samagri Collection

Dhoop Chaon & Co — श्रावण मास 2026 पूजा सामग्री संग्रह

1. शिव अभिषेक सामग्री (Shiv Abhishek Samagri)

शिव अभिषेक में कौन कौन सी सामग्री लगती है (Shiv Abhishek mein Kaun Kaun Si Samagri Lagti Hai), इसकी जानकारी यहां दी गई है। शिवलिंग पर इन्हें क्रम से चढ़ाना चाहिए।

सामग्री (Samagri) हिंदी विवरण विशेष महत्व
गंगाजल (Gangajal) पवित्र गंगा का जल जलाभिषेक के लिए सर्वोत्तम
शुद्ध जल (Shuddh Jal) स्वच्छ पानी मूल अभिषेक सामग्री
कच्चा गाय का दूध (Raw Cow Milk) बिना उबाला दूध आरोग्य और दीर्घायु के लिए
दही (Curd/Dahi) ताजा दही संतान सुख की प्राप्ति के लिए
शुद्ध देशी घी (Pure Desi Ghee) गाय का घी विजय और उन्नति के लिए
शहद (Honey/Shahad) प्राकृतिक शहद मधुर वाणी और धन के लिए
शक्कर/मिश्री (Sugar/Mishri) मिश्री या शक्कर सुख और सौभाग्य के लिए
ईख का रस (Sugarcane Juice) गन्ने का रस समृद्धि के लिए

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर को एक साथ मिलाकर पंचामृत (Panchamrit) बनाया जाता है। शिवलिंग पूजा सामग्री (Shivling Puja Samagri) में पंचामृत का स्थान सबसे महत्वपूर्ण है। अभिषेक की शुरुआत जल से होती है और फिर पंचामृत की प्रत्येक वस्तु अलग-अलग चढ़ाई जाती है।

2. पुष्प और पत्र सामग्री (Phool aur Patra Samagri)

सामग्री (Samagri) विशेषता
बिल्वपत्र/बेलपत्र (Belpatra) भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय। तीन पत्तियों वाला चढ़ाएं।
धतूरा (Datura) फल और फूल दोनों चढ़ाए जाते हैं
श्वेत अकाव/आक के फूल (White Aak) सावन में विशेष रूप से फलदायी
कनेर के फूल (Kaner/Oleander) पूजा में उपयुक्त
अपराजिता (Aparajita) नीले रंग का फूल, शुभ माना गया है
शमी के पत्ते (Shami Patra) पापनाशक
नागकेसर (Nagkesar) सुगंधित, शिव को प्रिय
भांग (Bhang) परंपरागत रूप से भोलेनाथ को अर्पित की जाती है
💡 जरूरी बात: बिल्वपत्र हमेशा उल्टा रखकर चढ़ाएं, यानी पत्ती की चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रखें। कीड़े वाले या मुरझाए पत्ते न चढ़ाएं। पुष्प अर्पित करने से पहले उन्हें सूंघना नहीं चाहिए।

3. धूप-दीप सामग्री (Dhoop-Deep Samagri)

धूप-दीप के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। शिवलिंग के सामने जलती अगरबत्ती (Agarbatti) और धूपबत्ती (Dhoop Stick) का धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और पूजा का भाव गहरा होता है।

सामग्री (Samagri) उपयोग
चंदन/सुगंधित अगरबत्ती (Chandan Agarbatti) सुगंध और पवित्रता के लिए
धूपबत्ती (Dhoop Stick) वायु शुद्धि और वातावरण पवित्रता के लिए
कपूर (Camphor/Kapoor) आरती और भस्म तैयार करने के लिए
घी का दीपक (Ghee Lamp) शुभ मंगल के लिए, देशी घी का प्रयोग करें
रुई की बाती (Cotton Wick) दीपक के लिए
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4. लेपन और श्रृंगार सामग्री (Lepa and Shringar Samagri)

सामग्री (Samagri) विशेषता
सफेद चंदन का लेप (White Sandalwood Paste) शिवलिंग पर लगाने के लिए
भस्म/विभूति (Bhasma/Vibhuti) त्रिपुंड तिलक के लिए, शिव को अत्यंत प्रिय
इत्र/अत्तर (Attar/Ittar) सुगंध अर्पण के लिए
रोली (Roli) शिव की प्रतिमा पर, शिवलिंग पर नहीं
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5. पूजा की मुख्य वस्तुएं (Main Puja Items)

सामग्री (Samagri) अनुमानित मात्रा
अक्षत/चावल (Akshat/Rice) 250 ग्राम
मौली/कलावा (Mauli/Kalava) 2-3 पीस
जनेऊ (Janeu) 5 पीस
पान के पत्ते (Paan Patra) 5-11 पत्ते
सुपारी (Supari) 5-7 पीस
लौंग-इलायची (Laung-Elaichi) 10-10 ग्राम
नारियल (Coconut, तोड़ने के लिए) 1 पीस
फल (Fruits) 5 प्रकार के फल
पंच मिष्ठान्न (Panchmishthann) प्रसाद के लिए
गुड़ (Jaggery/Gur) 50-100 ग्राम
⚠️ ध्यान दें: नारियल का पानी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता। नारियल केवल तोड़ा जाता है और प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है।

रुद्राभिषेक पूजा सामग्री सूची (Rudrabhishek Puja Samagri Suchi)

रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) भगवान शिव की एक विशेष वैदिक पूजा है। इसमें शिवलिंग का वैदिक मंत्रों के साथ विधिपूर्वक अभिषेक किया जाता है। यह सामान्य शिव पूजा से अधिक विस्तृत अनुष्ठान है। रुद्राभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री (Rudrabhishek ke liye Avashyak Samagri) में ऊपर बताई गई सभी वस्तुओं के अलावा यह भी चाहिए:

अतिरिक्त सामग्री (Additional Samagri) मात्रा
रुद्राक्ष माला (Rudraksha Mala, 108 दाने) 1 माला
काले तिल (Kale Til / Black Sesame) 100 ग्राम
जौ (Barley/Jau) 100 ग्राम
पंचमेवा (Panchmeva, 5 प्रकार के मेवे) 100 ग्राम
सूखा नारियल/श्रीफल (Dry Coconut/Shrifal) 1 पीस
गुलाब जल (Gulab Jal) 1 शीशी
केवड़ा जल (Kewda Jal) 1 शीशी
लाल, पीला और श्वेत वस्त्र 1-1 मीटर
पूजा पात्र/कलश (Kalash) 1 पीस

रुद्राभिषेक में शिवलिंग पर क्रमशः जल, पंचामृत, गंगाजल और सुगंधित जल से अभिषेक होता है। इस दौरान पंडितजी रुद्राष्टाध्यायी (नमकचमक) का पाठ करते हैं। सर्वोत्तम फल के लिए सावन सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करवाना विशेष रूप से शुभ माना गया है।


भगवान शिव को कौन सी सामग्री चढ़ानी चाहिए और उनका फल (Bhagwan Shiv ko Kaun Si Samagri Chadhani Chahiye)

शिव पुराण में हर अर्पण का एक विशेष फल बताया गया है।

चढ़ावा (Offering) फल (Benefit)
जल (Water) आयु, स्वास्थ्य और शांति
गाय का दूध (Cow Milk) आरोग्य और संतान सुख
दही (Curd) विशेष कामनाओं की पूर्ति
शहद (Honey) मधुर वाणी और धन-समृद्धि
घी (Ghee) उन्नति और विजय
शक्कर/मिश्री (Sugar/Mishri) सुख और वैवाहिक सौभाग्य
बिल्वपत्र (Belpatra) पापों से मुक्ति, मोक्ष की प्राप्ति
धतूरा (Datura) पुत्र प्राप्ति की कामना
भांग (Bhang) मनोकामना पूर्ति
भस्म (Bhasma) आध्यात्मिक उन्नति

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए (What NOT to Offer on Shivling)

शिव पूजा सरल जरूर है, लेकिन शास्त्रों में कुछ वस्तुएं स्पष्ट रूप से वर्जित बताई गई हैं। शिव पुराण के अनुसार:

हल्दी और सिंदूर (Haldi and Sindoor): ये श्रृंगार की वस्तुएं हैं। भगवान शिव भस्म लगाते हैं और सांसारिक श्रृंगार से परे हैं। शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ानी चाहिए। हालांकि माता पार्वती की प्रतिमा पर इन्हें अर्पित किया जा सकता है।

तुलसी (Tulsi): शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते वर्जित हैं। पौराणिक कथा के अनुसार शंखचूड़ वध की घटना से जुड़े कारणों से तुलसी को शिव पूजा में शामिल नहीं किया जाता।

शंख से जल (Water from Shankh): शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता। शिवजी के हाथ में भी शंख नहीं होता।

केतकी और केवड़े के फूल (Ketaki/Kewda Flowers): शिव पुराण की कथा के अनुसार केतकी के फूल ने ब्रह्माजी के असत्य का साथ दिया था। इसी कारण भगवान शिव ने केतकी को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया।

लाल रंग के फूल (Red Flowers): शिवलिंग पर लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए।

बासी और मुरझाए पुष्प (Stale/Wilted Flowers): कभी भी मुरझाए या बासी फूल नहीं चढ़ाने चाहिए।

अन्य वर्जित पुष्प: कदम्ब, शिरीष, जूही और अनार के फूल भी शिव पूजा में शास्त्रसम्मत नहीं माने गए।


घर पर शिव पूजा कैसे करें: सावन सोमवार पूजा विधि और सामग्री (Ghar par Shiv Puja kaise karein: Sawan Somwar Puja Vidhi aur Samagri)

घर पर शिव पूजा कैसे करें सामग्री सहित (Ghar par Shiv Puja kaise karein Samagri Sahit) यह जानने की जिज्ञासा कई भक्तों की होती है। सावन सोमवार पूजा विधि और सामग्री (Sawan Somwar Puja Vidhi aur Samagri) की सरल प्रक्रिया नीचे दी गई है।

तैयारी

  1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।

  2. स्वच्छ सफेद या पीले वस्त्र पहनें।

  3. पूजा स्थल और शिवलिंग को साफ जल से धोएं।

  4. सभी सामग्री पहले से एक जगह व्यवस्थित रखें।

पूजा विधि (Puja Vidhi)

  1. पहले गणेशजी की पूजा से आरंभ करें।

  2. शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाते हुए "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें।

  3. क्रमशः दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अलग-अलग अभिषेक करें।

  4. पुनः गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें।

  5. सफेद चंदन का लेप लगाएं।

  6. बिल्वपत्र, आक के फूल और धतूरा चढ़ाएं।

  7. अगरबत्ती और धूपबत्ती जलाएं।

  8. कपूर से आरती करें।

  9. "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

  10. प्रसाद चढ़ाकर परिवार में वितरण करें।

सावन सोमवार का व्रत रखने वाले भक्त पूजा के बाद ही जल ग्रहण करते हैं। व्रत में फलाहार और दूध से बनी चीजें खाई जा सकती हैं।

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श्रावण सोमवार पूजा सामग्री: एक नजर में पूरी सूची (Shravan Somwar Puja Samagri: Quick Reference)

सावन सोमवार पूजा सामग्री की पूरी सूची (Sawan Somwar Puja Samagri ki Poori Suchi) को एक जगह देखें:

अभिषेक के लिए (For Abhishek): गंगाजल, शुद्ध जल, कच्चा गाय का दूध, दही, देशी घी, शहद, शक्कर, ईख का रस, पंचामृत

पुष्प और पत्र (Flowers and Leaves): बिल्वपत्र, धतूरा, श्वेत अकाव के फूल, कनेर, अपराजिता, शमी पत्र, भांग

धूप-दीप (Dhoop-Deep): चंदन या सुगंधित अगरबत्ती, धूपबत्ती, कपूर, घी का दीपक, रुई की बाती

लेपन (Lepa): सफेद चंदन का लेप, भस्म, इत्र

अन्य (Other): अक्षत, मौली, जनेऊ, पान-सुपारी, लौंग-इलायची, नारियल (तोड़ने के लिए), फल, पंच मिष्ठान्न, गुड़

श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा छोटी हो या बड़ी, सामग्री और भाव दोनों जरूरी हैं। बिल्वपत्र, गंगाजल, पंचामृत, भस्म, धतूरा और सुगंधित धूप-दीप शिव पूजा को पूर्ण बनाते हैं। सावन सोमवार पूजा सामग्री (Sawan Somwar Puja Samagri) की सूची पहले से बनाकर पूजा के दिन की तैयारी आसान हो जाती है।

Dhoop Chaon & Co पर आपको शिव पूजा के लिए जरूरी प्रीमियम चंदन अगरबत्ती, धूप और कपूर मिलते हैं। सावन शुरू होने से पहले अपनी पूजा सामग्री तैयार रखें ताकि हर सोमवार की पूजा बिना किसी रुकावट के हो सके।

🙏 हर हर महादेव 🙏


FAQs

प्रश्न 1: श्रावण मास 2026 में कुल कितने सावन सोमवार हैं और उनकी तारीखें क्या हैं?

उत्तर: वर्ष 2026 में श्रावण मास में कुल 4 सावन सोमवार पड़ेंगे। पहला सावन सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त 2026 को है। श्रावण मास 30 जुलाई 2026 को शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा के दिन समाप्त होगा।

प्रश्न 2: शिव पूजा में सबसे जरूरी सामग्री कौन सी है?

उत्तर: शिव पुराण के अनुसार गंगाजल और बिल्वपत्र शिव पूजा की सबसे आवश्यक सामग्री हैं। केवल इन दोनों से भी भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं। इसके अलावा पंचामृत, धतूरा, भांग, भस्म, चंदन, अगरबत्ती और कपूर पूजा को संपूर्ण बनाते हैं।

प्रश्न 3: क्या घर पर भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है?

उत्तर: हां, घर पर रुद्राभिषेक संभव है। इसके लिए शिवलिंग, पंचामृत, गंगाजल, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष माला, भस्म और अन्य सामग्री की जरूरत होती है। पूजा में विधि और शुद्धता का पालन जरूरी है। सर्वोत्तम फल के लिए किसी जानकार पंडितजी का मार्गदर्शन लेना उचित रहता है।

प्रश्न 4: शिवलिंग पर कौन सी चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए?

उत्तर: शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, शंख से जल, हल्दी, सिंदूर, केतकी और केवड़े के फूल, लाल रंग के फूल तथा बासी या मुरझाई हुई चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए। इनसे पूजा का अपेक्षित फल नहीं मिलता।

प्रश्न 5: रुद्राभिषेक और सामान्य शिव पूजा में क्या फर्क है?

उत्तर: सामान्य शिव पूजा में जल, बिल्वपत्र, फूल, धूप-दीप और आरती होती है। रुद्राभिषेक एक विस्तृत वैदिक अनुष्ठान है जिसमें शिवलिंग पर पंचामृत, गंगाजल और अन्य 11 पवित्र वस्तुओं से विधिपूर्वक अभिषेक होता है और साथ में रुद्राष्टाध्यायी या नमकचमक का पाठ किया जाता है। यह अनुष्ठान किसी विद्वान पंडित की सहायता से करवाना अधिक फलदायी होता है।

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