अक्षय तृतीया पूजा सामग्री सूची: क्या-क्या चाहिए? (Akshaya Tritiya Puja Samagri List)
Apr 07, 2026
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) हिंदू धर्म का एक ऐसा पावन पर्व है, जिसे "अबूझ मुहूर्त" (Abujh Muhurat) कहा जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है।
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल 2026, रविवार पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
अगर आप इस बार अक्षय तृतीया पर घर पर पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। यहाँ हम अक्षय तृतीया पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी (akshaya tritiya puja samagri list in hindi) की पूरी जानकारी देंगे, ताकि पूजा के दिन कुछ छूट न जाए।
अक्षय तृतीया का महत्व (Significance of Akshaya Tritiya)
"अक्षय" शब्द का अर्थ है, जिसका कभी क्षय (नाश) न हो। इस दिन किया गया जप, तप, दान, हवन और पूजा का फल अक्षय हो जाता है, यानी उसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार:
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इसी दिन भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था।
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भगवान श्रीकृष्ण ने इसी तिथि को युधिष्ठिर को अक्षय पात्र दिया था।
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माँ गंगा का धरती पर अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था।
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बद्रीनाथ धाम के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं।
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त्रेता युग की शुरुआत इसी तिथि से मानी जाती है।
अक्षय तृतीया पूजा में क्या-क्या चाहिए? (Akshaya Tritiya Puja Mein Kya-Kya Chahiye?)
घर पर अक्षय तृतीया पूजा सामग्री लिस्ट (Ghar Par Akshaya Tritiya Puja Samagri List) तैयार करना जरूरी है, ताकि पूजा विधिपूर्वक और बिना रुकावट संपन्न हो सके। नीचे हम अक्षय तृतीया पूजा सामान (akshaya tritiya puja items list) को विस्तार से श्रेणियों में बाँटकर बता रहे हैं।
संपूर्ण अक्षय तृतीया पूजा सामग्री सूची (Complete Akshaya Tritiya Puja Samagri List in Hindi)
1. मूर्ति / चित्र (Murti / Chitra)
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सामग्री |
विवरण |
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भगवान विष्णु की मूर्ति/फोटो |
पूजा के लिए मुख्य देवता |
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माता लक्ष्मी की मूर्ति/फोटो |
धन, सुख-समृद्धि की देवी |
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श्री गणेश जी की मूर्ति |
हर पूजा का आरंभ गणेश जी से |
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कुबेर देव का यंत्र/चित्र |
धन के देवता |
ध्यान दें: चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्तियाँ स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले फूल और माता लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करें।
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2. स्नान और शुद्धि सामग्री (Snan aur Shuddhi Samagri)
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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गंगाजल |
Gangajal |
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पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) |
Panchamrit |
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तांबे या मिट्टी का कलश |
Tambe/Mitti ka Kalash |
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स्वच्छ जल |
Shudh Jal |
3. तिलक और सुगंध सामग्री (Tilak aur Sugandh Samagri)
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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रोली / कुमकुम |
Roli / Kumkum |
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चंदन |
Chandan |
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हल्दी |
Haldi |
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सिंदूर |
Sindoor |
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केसर |
Kesar |
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अक्षत (साबुत चावल) |
Akshat / Chawal |
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अबीर-गुलाल |
Abir-Gulal |
4. धूप, दीप और सुगंध (Dhoop, Deep aur Sugandh)
पूजा के लिए अगरबत्ती कौन सी अच्छी है? (Puja Ke Liye Agarbatti Kaun Si Achi Hai?)
यह एक आम सवाल है जो हर घर में उठता है। शास्त्रों के अनुसार:
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धूपबत्ती (Dhoop Batti) को पूजा में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक तत्व जैसे गोंद, कपूर, चंदन और जड़ी-बूटियाँ होती हैं, जो वातावरण को शुद्ध करती हैं।
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अगरबत्ती (Agarbatti) में गुलाब, चंपा, चमेली, चंदन जैसी सुगंध होती है। लक्ष्मी-विष्णु की पूजा के लिए सुगंधित अगरबत्ती उपयोगी होती है।
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विशेष ध्यान दें: बाँस की अगरबत्ती जलाना धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है। इसलिए हमेशा बाँस-रहित (bamboo-free) धूपबत्ती या अगरबत्ती का चयन करें।
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पूजा में 3 या 5 अगरबत्ती जलाना शुभ होता है। टूटी हुई अगरबत्ती कभी न जलाएँ।
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पूजा के लिए कपूर का उपयोग (Puja Ke Liye Kapoor Ka Upyog)
कपूर (Kapoor/Camphor) को पूजा की सामग्री में सबसे पवित्र माना जाता है।
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कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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यह आत्मशुद्धि और समर्पण का प्रतीक है, क्योंकि जलने के बाद यह पीछे कुछ नहीं छोड़ता।
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आरती के समय कपूर की आरती करना विशेष फलदायी होता है।
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नजर दोष और मानसिक तनाव दूर करने में भी कपूर उपयोगी माना जाता है।
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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धूपबत्ती |
Dhoop Batti |
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अगरबत्ती (बाँस-रहित) |
Agarbatti (bamboo-free) |
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कपूर |
Kapoor / Camphor |
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घी का दीपक |
Ghee ka Deepak |
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तेल का दीपक |
Tel ka Deepak |
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रुई की बाती |
Rui ki Baati |
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दीपदान (दीये) |
Diya / Deepdaan |
5. पुष्प और माला (Pushp aur Mala)
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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पीले फूल (विष्णु जी के लिए) |
Peele Phool (for Vishnu) |
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कमल के फूल (लक्ष्मी जी के लिए) |
Kamal ke Phool (for Lakshmi) |
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गुलाब के फूल |
Gulab ke Phool |
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फूलों की माला |
Phoolon ki Mala |
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तुलसी दल |
Tulsi Dal |
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दूर्वा घास |
Durva Ghas |
6. नैवेद्य / भोग (Naivedya / Bhog)
अक्षय तृतीया पर नैवेद्य में विशेष सामग्री चढ़ाई जाती है:
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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जौ का सत्तू |
Jau ka Sattu |
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गेहूँ |
Gehun |
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चने की दाल |
Chane ki Dal |
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ककड़ी |
Kakdi / Cucumber |
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गुड़ |
Gud / Jaggery |
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मिठाई / पेड़ा |
Mithai / Peda |
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फल (केला, आम आदि) |
Phal |
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खरबूजा |
Kharbuja / Muskmelon |
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पंचमेवा |
Panchmewa |
7. पूजा विधि की आवश्यक सामग्री (Puja Vidhi ki Avashyak Samagri)
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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चौकी / आसन |
Chowki / Asan |
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लाल कपड़ा (चौकी के लिए) |
Lal Kapda |
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पीला कपड़ा (भगवान के लिए) |
Peela Kapda |
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मौली / नाड़ा |
Mauli / Nada |
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जनेऊ (यज्ञोपवीत) |
Janeu (Yagyopavit) |
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पान के पत्ते |
Pan ke Patte |
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सुपारी |
Supari |
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लौंग |
Laung / Clove |
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इलायची |
Elaichi / Cardamom |
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नारियल |
Nariyal / Coconut |
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आम के पत्ते (बंदनवार) |
Aam ke Patte (Bandanwar) |
8. विशेष पूजा सामग्री (Vishesh Puja Samagri)
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सामग्री (Hindi) |
Hinglish नाम |
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इत्र / सुगंधित तेल |
Ittar |
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कुश / दूर्वा |
Kush / Durva |
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पंच पल्लव |
Panch Pallav |
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सप्त धान्य |
Sapt Dhanya |
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गोपी चंदन |
Gopi Chandan |
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हल्दी की गाँठ |
Haldi ki Ganth |
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खड़ा धनिया |
Khada Dhaniya |
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विष्णु सहस्रनाम की पुस्तक |
Vishnu Sahasranaam Pustak |
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श्री सूक्त पाठ पुस्तक |
Shri Sukta Path |
9. दान की सामग्री (Daan ki Samagri)
अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है। दान में निम्नलिखित वस्तुएँ शामिल करें:
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दान सामग्री |
महत्व |
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जल से भरा मिट्टी का घड़ा |
पितरों की तृप्ति के लिए |
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सत्तू और गुड़ |
ग्रीष्म ऋतु में पुण्यकारी |
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वस्त्र |
जरूरतमंदों को |
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अन्न (चावल, गेहूँ) |
भूखों को भोजन देने हेतु |
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पंखा, खड़ाऊँ, छाता |
गर्मी में राहत का दान |
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मिट्टी-पीतल के बर्तन |
शुभ माने जाते हैं |
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घर पर अक्षय तृतीया पूजा सामग्री लिस्ट: त्वरित संदर्भ सूची
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मूर्तियाँ / चित्र: विष्णु, लक्ष्मी, गणेश
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गंगाजल, पंचामृत, कलश
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रोली, कुमकुम, चंदन, हल्दी, अक्षत
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धूपबत्ती / कपूर / अगरबत्ती (बाँस-रहित)
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घी का दीपक, बाती, रुई
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पीले फूल, कमल, तुलसी
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जौ, चने की दाल, सत्तू, ककड़ी, मिठाई
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पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची
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मौली, जनेऊ, लाल-पीला कपड़ा
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आम के पत्ते (बंदनवार)
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इत्र, कुश, दूर्वा
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विष्णु सहस्रनाम / श्री सूक्त पुस्तक
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दान सामग्री: मिट्टी का घड़ा, सत्तू, वस्त्र
अक्षय तृतीया पूजा विधि: संक्षिप्त जानकारी (Puja Vidhi)
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ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान करके स्वच्छ (पीले या लाल) वस्त्र धारण करें।
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चौकी स्थापित करें। लाल कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की मूर्ति/फोटो रखें।
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संकल्प लें। व्रत और पूजा का संकल्प करें।
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आवाहन करें। गंगाजल से आचमन कर भगवान को आमंत्रित करें।
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तिलक करें। विष्णु जी को चंदन और माता लक्ष्मी को कुमकुम का तिलक लगाएं।
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अर्पण करें। पुष्प, अक्षत, धूप-दीप और नैवेद्य चढ़ाएं।
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धूपबत्ती / कपूर जलाएं। वातावरण को शुद्ध करें।
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मंत्र / पाठ करें। विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें।
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आरती उतारें। कपूर की आरती से पूजा का समापन करें।
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प्रसाद वितरित करें। परिवार और पड़ोसियों में बाँटें।
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दान करें। ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को दान दें।
अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त (Akshaya Tritiya 2026 Shubh Muhurat)
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विवरण |
दिनांक / समय |
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अक्षय तृतीया 2026 तिथि |
19 अप्रैल 2026, रविवार |
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तृतीया तिथि प्रारंभ |
19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे |
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तृतीया तिथि समाप्त |
20 अप्रैल 2026, सुबह 7:27 बजे |
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पूजा का शुभ मुहूर्त |
सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक |
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सोना खरीदने का शुभ समय |
19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल सुबह 6:02 बजे तक |
अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त है, इसलिए पूरे दिन पूजा, खरीदारी और शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
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घर बैठे मंगाएं, समय पर मिलेगा। अक्षय तृतीया की पूजा हो शुभ और संपूर्ण।
निष्कर्ष
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का यह पावन पर्व केवल सोना खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक समृद्धि, भक्ति और दान का महापर्व है। सही अक्षय तृतीया पूजा सामग्री (akshaya tritiya puja samagri) के साथ विधिपूर्वक पूजा करने से माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है।
इस ब्लॉग में दी गई अक्षय तृतीया पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी (akshaya tritiya puja samagri list in hindi) को आप प्रिंट या स्क्रीनशॉट लेकर सहेज सकते हैं। समय पर सामग्री जुटाएं और पूजा को शुभ एवं संपूर्ण बनाएं।
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं!
FAQs
प्रश्न 1: अक्षय तृतीया 2026 में कब है?
उत्तर: वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा।
प्रश्न 2: अक्षय तृतीया पूजा सामग्री (akshaya tritiya puja samagri) में सबसे जरूरी चीजें कौन सी हैं?
उत्तर: अक्षय तृतीया के लिए पूजा सामग्री में सबसे जरूरी हैं: विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति/फोटो, अक्षत, रोली, पीले फूल, कमल, कपूर, धूपबत्ती, पंचामृत, तुलसी, नारियल और नैवेद्य में जौ का सत्तू व ककड़ी। इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
प्रश्न 3: पूजा के लिए अगरबत्ती कौन सी अच्छी है?
उत्तर: शास्त्रों के अनुसार पूजा में धूपबत्ती सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। यदि अगरबत्ती उपयोग करनी हो, तो बाँस-रहित (bamboo-free) अगरबत्ती लें, जैसे चंदन, गुलाब या चमेली की खुशबू वाली। बाँस की अगरबत्ती शास्त्रों के अनुसार पूजा में वर्जित है। लक्ष्मी-विष्णु की पूजा के लिए चंदन या गुलाब की सुगंध वाली धूपबत्ती उत्तम मानी जाती है।
प्रश्न 4: पूजा में कपूर का क्या महत्व है? (Puja Ke Liye Kapoor Ka Upyog)
उत्तर: पूजा में कपूर (Camphor) का उपयोग अत्यंत पवित्र माना जाता है। कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा, नजर दोष और मानसिक तनाव दूर होते हैं। यह आत्मशुद्धि का प्रतीक है, क्योंकि जलने के बाद यह पीछे कुछ नहीं छोड़ता। आरती के समय कपूर जलाना सबसे उत्तम माना जाता है और इसे अगरबत्ती से बेहतर माना गया है।
प्रश्न 5: अक्षय तृतीया पर कौन से भगवान की पूजा होती है और क्या दान करें?
उत्तर: अक्षय तृतीया पर मुख्यतः भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, श्री गणेश और कुबेर देव की पूजा होती है। दान में सत्तू, गुड़, जल से भरा मिट्टी का घड़ा, वस्त्र, अन्न, पंखा और फल देना पुण्यकारी माना जाता है। ब्राह्मणों को भोजन करवाने और दक्षिणा देने का भी विशेष महत्व है।