गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट 2026: घर पर पूजा के लिए पूरी Checklist
Aug 27, 2026
गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि पर मनाई जाती है। इस दिन घर-घर में बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है और दस दिन तक श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा शुरू करने से पहले सबसे पहला सवाल यही आता है कि गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री (Ganesh Chaturthi Puja Samagri) में क्या-क्या रखना चाहिए, ताकि पूजा के बीच में कोई चीज कम न पड़े। इस लेख में 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और घर पर पूजा के लिए पूरी गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट (Ganesh Chaturthi Puja Samagri List) दी गई है, जिससे एक ही बार में पूरी खरीदारी आसानी से हो सके।
📋 संक्षेप में:
- गणेश चतुर्थी 2026 — सोमवार, 14 सितंबर
- मूर्ति स्थापना शुभ मुहूर्त — सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे
- मुख्य सामग्री — गणेश प्रतिमा, दूर्वा, रोली-अक्षत, पंचामृत, मोदक, फूल-फल, कपूर, अगरबत्ती
- गणेश विसर्जन — 25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी)
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन को गणपति बप्पा के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और घरों व पंडालों में उनकी मूर्ति स्थापित की जाती है।
| विवरण | तारीख और समय |
| गणेश चतुर्थी 2026 की तारीख | सोमवार, 14 सितंबर 2026 |
| चतुर्थी तिथि प्रारंभ | 14 सितंबर 2026, सुबह करीब 07:06 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 15 सितंबर 2026, सुबह करीब 07:44 बजे |
| गणेशोत्सव की अवधि | 10 दिन (कई घरों में डेढ़, तीन, पांच या सात दिन में भी विसर्जन) |
| गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) | शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 |
चूंकि चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह से ही शुरू हो जाती है, इसलिए पूरे दिन गणेश स्थापना और पूजा की जा सकती है। अपने शहर के हिसाब से समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से एक बार समय की पुष्टि जरूर कर लें।
गणेश चतुर्थी 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है?
मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल यानी दिन के बीच के समय में हुआ था, इसलिए गणेश स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है।
| मुहूर्त | समय |
| मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त | सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक |
| अवधि | लगभग 2 घंटे 29 मिनट |
| वैकल्पिक समय | जो लोग मध्याह्न में पूजा न कर पाएं, वे प्रदोष काल यानी शाम के समय भी मूर्ति स्थापना कर सकते हैं |
ऊपर दिए गए समय दिल्ली के पंचांग पर आधारित हैं। मुंबई, पुणे, चेन्नई, जयपुर और हैदराबाद जैसे शहरों में मुहूर्त के समय में कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय जरूर देख लें।
गणेश चतुर्थी पर चांद क्यों नहीं देखना चाहिए?
गणेश चतुर्थी की पूरी चतुर्थी तिथि के दौरान चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन चांद देखने से झूठे कलंक या आरोप का सामना करना पड़ सकता है, जैसा भगवान श्रीकृष्ण के साथ स्यमंतक मणि की कथा में हुआ था। यदि भूलवश चांद दिख भी जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है, ऐसी स्थिति में स्यमंतक मणि प्रसंग से जुड़े मंत्र या श्लोक का जाप करने की सलाह दी जाती है।
गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व क्या है?
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उन्हीं की पूजा से होती है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को उनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, इसीलिए इस दिन घर-घर में उनकी प्रतिमा स्थापित कर दस दिन तक विधि-विधान से पूजा की जाती है। साल 1893 में पुणे में बाल गंगाधर तिलक ने इस पर्व को सार्वजनिक उत्सव का रूप देना शुरू किया, जिसके बाद गणेशोत्सव धीरे-धीरे पूरे देश में सामूहिक रूप से मनाया जाने लगा। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गोवा में यह त्योहार खासतौर पर बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।
गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट 2026
घर पर गणेश पूजा सामग्री (Ganesh Puja Samagri) पहले से तैयार रखने से पूजा के बीच भागदौड़ नहीं करनी पड़ती और पूजा शांति से पूरी होती है। नीचे पूरी गणपति पूजा सामग्री लिस्ट (Ganpati Puja Samagri List) श्रेणियों में बांटकर दी गई है, ताकि खरीदारी करते समय कुछ भी छूट न जाए।
मूर्ति और आसन से जुड़ी सामग्री
| सामग्री | उपयोग |
| गणेश प्रतिमा (मिट्टी या शाडू मिट्टी की) | मुख्य पूजा के लिए, पर्यावरण की दृष्टि से मिट्टी की मूर्ति बेहतर मानी जाती है |
| चौकी या पाटा | मूर्ति स्थापना के लिए आसन |
| लाल या पीला वस्त्र | चौकी पर बिछाने और मूर्ति को अर्पित करने के लिए |
| जनेऊ और मौली | पूजा विधि पूरी करने के लिए |
तिलक और शुद्धिकरण सामग्री
| सामग्री | उपयोग |
| हल्दी और कुमकुम (रोली) | तिलक लगाने के लिए |
| अक्षत (साबुत चावल) | तिलक और अर्पण के लिए |
| सिंदूर और अष्टगंध | मूर्ति के श्रृंगार के लिए |
| गंगाजल या शुद्ध जल | पूजा स्थान और सामग्री की शुद्धि के लिए |
दूर्वा, फूल और सजावट सामग्री
गणेश जी को दूर्वा घास विशेष प्रिय मानी जाती है, इसलिए गणेश चतुर्थी पूजा का सामान (Ganesh Chaturthi Puja ka Samaan) खरीदते समय इसे भूलना नहीं चाहिए।
| सामग्री | उपयोग |
| दूर्वा घास | जोड़ी बनाकर अर्पित करने के लिए, गणेश जी को अत्यंत प्रिय |
| लाल या पीले फूल और माला | पूजा और श्रृंगार के लिए |
| आम या केले के पत्ते | बंदनवार और मंडप सजाने के लिए |
भोग और प्रसाद सामग्री
| सामग्री | उपयोग |
| मोदक या लड्डू | परंपरा के अनुसार भोग के लिए, गणेश जी का प्रिय प्रसाद |
| पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) | अभिषेक और भोग के लिए |
| पंचमेवा और फल | भोग की थाली में |
| सुपारी, लौंग, इलायची, पान का पत्ता | पूजा सामग्री की थाली में |
धूप, दीप और सुगंध सामग्री
पूजा के वातावरण को पवित्र और सुगंधित बनाए रखने के लिए धूप-दीप की सामग्री भी उतनी ही जरूरी है, जितनी बाकी पूजा सामग्री।
| सामग्री | उपयोग |
| अगरबत्ती | पूजा और घर के वातावरण को सुगंधित करने के लिए |
| भीमसेनी कपूर | आरती और वातावरण शुद्धि के लिए |
| सांबरानी कप | घर पर आसान धूप अनुभव के लिए |
| धूप पाउडर | पारंपरिक धूप जलाने के लिए |
| घी का दीपक और रुई की बत्ती | आरती के लिए |
| अत्तर | मूर्ति और पूजा स्थान की सुगंध के लिए |
अन्य जरूरी सामग्री
| सामग्री | उपयोग |
| कलश | पूजा में जल भरकर रखने के लिए |
| नारियल (श्रीफल) | शुभ फल के रूप में |
| घंटी और शंख | आरती के समय बजाने के लिए |
| सिक्का | पूजा में दक्षिणा के लिए |
गणेश पूजा सामग्री किट से घर बैठे पूरी तैयारी कैसे करें?
जिन्हें अलग-अलग दुकानों से सामान जुटाने का समय नहीं मिलता, उनके लिए गणेश पूजा सामग्री किट (Ganesh Puja Samagri Kit) एक आसान विकल्प है। एक अच्छी गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री किट (Ganesh Chaturthi Puja Samagri Kit) में अगरबत्ती, कपूर, सांबरानी कप और अन्य जरूरी सामग्री पहले से एक साथ पैक मिल जाती है, जिससे अलग-अलग चीजें ढूंढने में समय नहीं लगता। Dhoop Chaon &